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गुर्दे जानकारी व गाइड - गुर्दे रोग के दौरान आहार योजनाएं

गुर्दे के लिए आहार संबंधित जानकारी

जीर्ण गुर्दे रोग पर प्रबंधन के पंद्रह सिद्धांत

जीर्ण गुर्दे रोग पर प्रबंधन के पंद्रह सिद्धांत

१.प्राथमिक बीमारी का इलाज करे जैसे मधुमेह , उच्च रक्त चाप, पथरी रोग, दिल की बीमारी ,मोटापा, गुर्दे के संक्रमण तुरंत और पूरी तरह से।

२.हमेशा 140/90 के नीचे अपना रक्तचाप रखे।

३.आहार विशेषज्ञ से परामर्श करें और नियंत्रण आहार पर रखे ।

४.नियंत्रण रखे कोलेस्ट्रॉल , ट्राइग्लिसराइड्स पर और यदि आवश्यक हुआ तो दवाई ले।

५.अपने कैल्शियम और फास्फोरस पर नियंत्रण रखे।

६.आहार मैं पोटेशियम (K +) का नियंत्रण बनाए रखे और औषधीय नमक ना ले।

७.बाइकार्बोनेट (HCO3) को बनाए रखे सोडा बाइ – कार्ब टेबलेट्स के साथ।

८.अपने एनीमिया (खून की कमी -हीमोग्लोबिन) सुधारें आयरन दवाई और इंजेक्शन के साथ।

९.नियमित रूप से रक्त परीक्षण करते रहे और अपनी किडनी विशेषज्ञ को नियमित रूप से मिले।

१०.टीके ले (हेपेटाइटिस बी, न्यूमोकोकल वैक्सीन, इन्फ्लुएंजा का, छोटी चेचक)।

११.हृदय रोग के लिए जाँच करें और इलाज करे ।

१२.किडनी विषाक्त दवाओं से बचें(दर्द हटानेवाली औषधि) ।

१३.आयुर्वेदिक दवाई ना ले, धूम्रपान, शराब (तम्बाकू) से बचें।

१४.मधुमेह पैर समस्या, आंत्रशोथ, गले में खराश जैसे संक्रमण से बचने के लिए सावधानी बरतें।

१५.जल्दी चिकित्सा बीमा ले ले ।


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